किस्त पर ली गई गाड़ी जबरन ले जाने की कोशीश , अगर आप भी लिए हैं गाड़ी किस्त पर तो नहीं उठा सकता है गाड़ी

(मधेपुरा):उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के बीड़ी रणपाल गांव वार्ड संख्या तीन के सूरज कुमार ने किस्त पर ली गई मोटरसाइकिल को जबरन रिकवरी एजेंट द्वारा उठा ले जाने की शिकायत पुलिस से की है। बाईक चालक सूरज ने आरोप लगाया है कि बिना नोटिस के उनके बाईक को चौसा चौक के पास से उठा कर रिकवरी एजेंट लेकर चले गए। इस मामले में रिकवरी एजेंट ने वैधानिक प्रक्रिया नहीं अपनाया। गाड़ी ले जाने के दौरान चालक और रिकवरी एजेंट के बीच काफी कहासुनी हुई। वाहन चालक का कहना है कि बिना वैधानिक प्रक्रिया के कही रास्ते चलते वाहन जब्त नहीं कर सकते हैं।वाहन चालक सूरज कुमार के पिता मंटू पासवान का कहना है कि उसने लोन की अधिकांश किस्तें समय पर चुकाई हैं। इसके बावजूद एजेंट गाड़ी उठा कर लेकर चला गया ।उन्होंने बताया कि उनका बेटा सूरज कुमार चिकित्सक के पास से लौट रहे थे। इसी दौरान लक्ष्मीपुर गांव के अंकित पासवान पिता बबलू पासवान ने रिकवरी एजेंट बता कर अचानक गाड़ी छीनने की कोशिश की।बिना कोई नोटिस दिए और धमकाते हुए वे गाड़ी ले गया। यह पूरी तरह गैर-कानूनी है। चालक ने जब गाड़ी छोड़ने की बात कही तो  फोन कर 11 हजार रूपये की मांग की। इस मामले को लेकर चालक ने पुलिस से शिकायत की है। मामले में रिकवरी एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। थाना अध्यक्ष विनोद सिंह ने बताया कि गाड़ी रोड पर से ले जाने का प्रविधान नहीं है।  बचे हुए राशि का चलान रसीद काटकर दे सकता है। अगर कोई इस तरह का हरकत करता है तो उनके ऊपर सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी।स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं हो पाती है। विभिन्न कंपनियों के रिकवरी एजेंट उदाकिशुनगंज शहर के कालेज चौक, चंद्रकांता कालेज, रहटा चौंक आदि जगहों पर जबरन गाड़ी चालकों से किस्त की राशि जमा नहीं होने की बात बताकर गाड़ी जब्त करने का दबाव बनाते हैं। इससे वाहन चालक खासे परेशान होते हैं। इससे लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होता है। अगर वाहन मालिक थोड़ा सा बात करने में अटपटा होता है तो वहां मलिक के साथ यह लोग मारपीट भी करते हैं। फिर लोगों को भय रहता है कि ऐसे लोग रिकवरी एजेंट है अथवा अपराधी है। रिकवरी एजेंट के पास विश्वसनीय किसी कंपनी का पहचान पत्र भी नहीं होता है। इससे लोगों में गाड़ी लूट का भय बना रहता है। इस संबंध में कानूनी विशेषज्ञ अधिवक्ता सोनी कुमारी का कहना है कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर रखा हैं कि कोई भी एजेंट बलपूर्वक वाहन ज़ब्त नहीं कर सकता। इसके लिए नोटिस देना और आवश्यकता पड़ने पर कोर्ट का आदेश लेना अनिवार्य है।

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