उदाकिशुनगंज को जिला बनाने की मांग फिर तेज, मुख्यमंत्री व गृह विभाग को भेजा गया पत्र

ब्यूरो। प्रिंस कुमार मिट्ठू

उदाकिशुनगंज अनुमंडल को स्वतंत्र जिला बनाए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। वर्षों से लंबित इस मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री और गृह विभाग को पत्र भेजकर उदाकिशुनगंज को नया जिला घोषित करने की मांग की है।सामाजिक कार्यकर्ता गौरव कबीर, दीनबंधु कुमार, रवि रॉय सहित सैकड़ों लोगों ने संयुक्त रूप से भेजे गए पत्र में कहा है कि उदाकिशुनगंज अनुमंडल भौगोलिक, प्रशासनिक एवं जनसंख्या के दृष्टिकोण से जिला बनने की सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है। उन्होंने बताया कि पूर्व से समाजसेवी बसंत झा इस मांग को लगातार उठाते रहे हैं और क्षेत्र के विकास के लिए इसे आवश्यक बताते रहे हैं।
गौरव कबीर ने कहा कि उदाकिशुनगंज को जिला का दर्जा मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं प्रशासनिक सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा। लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए जिला मुख्यालय की लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि नई सरकार के गठन के बाद क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है। इसी क्रम में आने वाले दिनों में पैदल मार्च एवं जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस मुहिम से जोड़ा जाएगा।


41 वर्ष पुराना अनुमंडल


उदाकिशुनगंज अनुमंडल की स्थापना 21 मई 1983 को हुई थी। कोसी प्रमंडल के मधेपुरा जिले अंतर्गत स्थित इस अनुमंडल में छह प्रखंड एवं 77 पंचायत शामिल हैं। इसकी आबादी लगभग आठ लाख से अधिक बताई जाती है। अनुमंडल क्षेत्र में आलमनगर और बिहारीगंज विधानसभा क्षेत्र भी शामिल हैं।
बीते वर्षों में यहां अनुमंडल न्यायालय, अनुमंडल अस्पताल, अनुमंडल उपकारा, आईटीआई कॉलेज, एएनएम कॉलेज सहित कई महत्वपूर्ण संस्थानों की स्थापना हुई है। एनएच-106 एवं अन्य प्रमुख सड़कों के निर्माण से क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था भी मजबूत हुई है। साथ ही कोसी प्रमंडल के लिए सीएनजी एवं पीएनजी आपूर्ति का सिटी गेट स्टेशन भी यहीं स्थापित है।
छोटे जिले से विकास को मिलेगी गति
मांगकर्ताओं का कहना है कि छोटे जिले बनने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आती है, कानून-व्यवस्था बेहतर होती है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक शीघ्र पहुंचता है। इससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलती है और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होती है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए मांग पत्र पर गौरव कबीर, दीनबंधु कुमार, रवि रॉय सहित सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षर हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी वर्षों पुरानी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगी।

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