उदाकिशुनगंज में चार दिनों से हादसों का सिलसिला, सड़कें बन रही जानलेवा; कई घरों के बुझ गए चिराग

ब्यूरो रिपोर्ट प्रिंस कुमार मिट्ठू

लगातार हादसों ने खड़े किए कई सवाल


एनएच-131 पर लगातार दुर्घटनाओं से मचा हड़कंप, दो अलग-अलग हादसों में दो युवकों की मौत, कई घायल अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे
उदाकिशुनगंज, मधेपुरा। उदाकिशुनगंज में पिछले चार दिनों से सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने इलाके के लोगों को चिंता में डाल दिया है। कहीं तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहनों की टक्कर लोगों की जिंदगी छीन रही है, तो कहीं सड़क किनारे खड़े वाहनों से टकराकर हादसे हो रहे हैं। इन घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई घायल अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।


सबसे ताजा घटना एनएच-131 पर बाड़ाटेनी गांव के समीप रविवार रात करीब आठ बजे हुई। यहां बाइक सवार दो युवकों उदय शर्मा (25) और नवीन कुमार (28) की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों मधुबन गांव के रहने वाले थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सामने से आ रहे वाहन से बचने के दौरान बाइक सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई और इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह की पुलिस जांच कर रही है।
इससे ठीक पहले रामबाग मुहल्ले में एनएच-131 पर शनिवार रात करीब 8:40 बजे तीन बाइकों की जोरदार टक्कर ने पूरे इलाके को हिला दिया था। इस हादसे में छह युवक गंभीर रूप से घायल हुए थे। सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उजानी गांव निवासी 19 वर्षीय मो. नुरफराज की मौत हो गई। अन्य घायलों की हालत भी गंभीर बताई गई और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तीनों बाइकों पर दो-दो युवक सवार थे। किसी ने हेलमेट नहीं पहना था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
लगातार हादसों ने खड़े किए कई सवाल
चार दिनों से लगातार सामने आ रही सड़क दुर्घटनाओं ने उदाकिशुनगंज की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक के बाद एक हादसों में युवाओं की जान जाने से परिवारों में मातम पसरा है। जिन घरों में कुछ दिन पहले तक खुशियां थीं, वहां अब चीख-पुकार सुनाई दे रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच-131 पर वाहनों की रफ्तार, सड़क किनारे खड़े वाहन, यातायात नियमों की अनदेखी और हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करना हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से संवेदनशील स्थानों पर नियमित वाहन जांच, रफ्तार पर नियंत्रण और सड़क किनारे खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सवाल वही—आखिर कब थमेगा मौत का सिलसिला?
उदाकिशुनगंज में लगातार हो रहे हादसे अब महज दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी बनते जा रहे हैं। हर हादसे के बाद कुछ देर के लिए भीड़ जुटती है, पुलिस पहुंचती है और घायलों को अस्पताल भेजा जाता है, लेकिन कुछ ही समय बाद फिर वही सड़क किसी नए हादसे की गवाह बन जाती है।
जरूरत है कि हादसों के बाद सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसे रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी और परिवार को अपने बेटे, भाई या पिता को खोने का दर्द न सहना पड़े।

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